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पुरातत्व विभाग की राष्ट्रीय धरोहर पर मंडराया संकट का बादल जहां सरकार पर्यटकों के लिए राष्ट्रीय धरोहर पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं पर पुरातत्व विभाग के कर्मचारी मात्र लाखों रुपए में ही करोड़ों का काम दिखा कर सरकार को चूना लगा रहे हैं मामला मुजफ्फरनगर के गांव मुझेडा सादात का है यहां पर मुगलकालीन इमारतें अपनी बदहाली पर आसूं बहाती नजर आ रही हैं इन इमारतों की जर्जर पड़ी हालात को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग का कोई करमचारी यहां पर नहीं आता इतना ही काफी नहीं यहां पर लगे नोटिस बोर्ड की भी खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं इन नोटिस बोर्ड पर साफ-साफ लिखा हुआ है की अगर कोई व्यक्ति इस इमारत को हानि पहुंचाता है या फिर नव निर्माण करता है भवन बनाता है तो उसे कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ दंडित भी किया जाएगा जिसमें दर्शाया गया है के यहां पर इमारत की सीमा से सटे 200 मीटर की दायरे में कोई भी नव निर्माण करना कानूनी अपराध है लेकिन कुछ दबंग लोगों ने 200 मीटर की तो बात बहुत दूर इमारत से सटाकर अपने भवनों का निर्माण कर रखा है लेकिन पैसे की खनक से पुरातत्व विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारी इमारतों की अनदेखी कर रहे हैं इसलिए विभाग को इन इमारतों की कोई सुध नहीं है